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“बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय; जो दिल खोजा अपना, मुझसे बुरा न कोय।”
Meaning: कबीर इस दोहे में आत्मचिंतन का महत्व बताते हैं। जब हम दूसरों में बुराई खोजते हैं, तो कुछ नहीं मिलता, लेकिन जब अपने भीतर झांकते हैं, तो अपनी कमियां दिखाई देती हैं। -
“धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय; माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।”
Meaning: यह दोहा धैर्य का संदेश देता है। जीवन में हर चीज अपने समय पर ही होती है, चाहे हम कितना भी प्रयास करें। -
“काल करे सो आज कर, आज करे सो अब; पल में परलय होएगी, बहुरि करेगा कब।”
Meaning: कबीर समय के महत्व पर जोर देते हैं। जो काम करना है, उसे तुरंत करना चाहिए क्योंकि भविष्य अनिश्चित है। -
“माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर; कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।”
Meaning: यह दोहा बताता है कि केवल बाहरी पूजा से कुछ नहीं होता, असली बदलाव मन के अंदर होना चाहिए। -
“जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान; मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।”
Meaning: कबीर कहते हैं कि व्यक्ति की पहचान उसके ज्ञान से होनी चाहिए, न कि उसकी जाति या बाहरी पहचान से। -
“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।”
Meaning: यह दोहा बताता है कि जीत और हार का निर्धारण हमारे मन से होता है। आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। -
“निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय; बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय।”
Meaning: कबीर कहते हैं कि आलोचक हमारे सुधार में मदद करते हैं, इसलिए उन्हें अपने पास रखना चाहिए। -
“साईं इतना दीजिए, जा में कुटुम समाय; मैं भी भूखा न रहूं, साधु न भूखा जाए।”
Meaning: यह दोहा संतोष और संतुलन का संदेश देता है—इतना ही धन हो जिससे जीवन ठीक से चल सके और दूसरों की मदद भी हो सके। -
“पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय; ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।”
Meaning: कबीर कहते हैं कि केवल किताबें पढ़ने से ज्ञान नहीं आता, बल्कि प्रेम और अनुभव से सच्ची समझ आती है। -
“जहाँ दया वहाँ धर्म है, जहाँ लोभ वहाँ पाप; जहाँ क्रोध वहाँ काल है, जहाँ क्षमा वहाँ आप।”
Meaning: यह दोहा जीवन के नैतिक सिद्धांतों को दर्शाता है—दया, क्षमा और अच्छाई ही सच्चा धर्म हैं। -
“जो बात कहते डरते हैं सब, तू वो बात लिख।”
Meaning: यह साहस और सच्चाई के साथ अपनी बात रखने की प्रेरणा देता है। -
“ख़ुद से जीतने की ज़िद है, मुझे ख़ुद को ही हराना है।”
Meaning: यह आत्म-सुधार और खुद से मुकाबला करने की बात करता है। -
“मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।”
Meaning: यह दिखाता है कि शुरुआत अकेले होती है लेकिन लोग जुड़ते जाते हैं। -
“हौसला अगर बुलंद हो तो हर मुश्किल आसान होती है।”
Meaning: यह आत्मविश्वास और साहस की ताकत को दर्शाता है। -
“ख्वाब देखने वालों के सपने सच होते हैं।”
Meaning: यह सपनों और विश्वास की ताकत को दिखाता है। -
“इंसान की पहचान उसके कर्म से होती है।”
Meaning: यह कर्म और पहचान के संबंध को दर्शाता है। -
“हर अंधेरी रात के बाद उजाला आता है।”
Meaning: यह आशा और सकारात्मकता को दर्शाता है। -
“वर्तमान क्षण ही वह स्थान है जहाँ जीवन वास्तव में घटित होता है।”
Meaning: वर्तमान में जीना जरूरी है।