Punjabi poet and novelist.
“दिल वो याद रखता है जो दिमाग भूल जाता है।”
“यादें आत्मा की परछाई होती हैं।”
“डर खत्म होते ही आज़ादी शुरू होती है।”
“सत्य हमेशा अपने रास्ते बना लेता है।”
“प्रेम एक घाव भी है और एक मरहम भी।”
“शब्द वो कर सकते हैं जो खामोशी नहीं कर सकती।”
“एक आज़ाद आत्मा को कैद नहीं किया जा सकता।”
“दर्द और कविता का गहरा संबंध होता है।”
“प्रेम मांगता नहीं, वह देता है।”
“हर औरत अपने अंदर एक पूरा संसार रखती है।”
“टूटा हुआ दिल भी प्यार करना जानता है।”
“खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है।”
“आत्मा की कोई सीमा नहीं होती।”
“प्रेम ही एकमात्र सत्य है जो हमेशा रहता है।”
“मैं लिखती हूँ क्योंकि मैं चुप नहीं रह सकती।”
“औरत को अपनी पहचान खुद बनानी चाहिए।”
“दर्द आत्मा की आवाज़ है।”
“प्यार अपने आप में एक सच्चाई है, इसे ढूंढना नहीं पड़ता।”
“आज आख्या वारिस शाह नूं, कितों कब्र विच्चों बोल।”
“मैं तैनूं फिर मिलांगी, कित्थे ते किवें पता नहीं।”