दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त, दर्द से भर न आए क्यों; रोएँगे हम हज़ार बार, कोई हमें सताए क्यों।
Meaning
दिल को दुख होता है और वह संवेदनशील होता है, इसलिए दर्द स्वाभाविक है।
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About the author
(1797–1869) was an Indian poet known for his mastery of Urdu and Persian poetry. His ghazals explore themes of love, loss, and existential reflection. Ghalib’s work is celebrated for its depth, complexity, and emotional richness. He is considered one of the greatest poets in South Asian literature. Mirza Ghalib’s poetry continues to influence literature and cultural expression.
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