Mirza Ghalib
(1797–1869) was an Indian poet known for his mastery of Urdu and Persian poetry. His ghazals explore themes of love, loss, and existential reflection. Ghalib’s work is celebrated for its depth, complexity, and emotional richness. He is considered one of the greatest poets in South Asian literature. Mirza Ghalib’s poetry continues to influence literature and cultural expression.
12 quotes in this collection. Read them below, share your favourites, or follow the related links to explore similar voices.
All quotes by Mirza Ghalib
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“दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त, दर्द से भर न आए क्यों।”
Meaning: दिल कोमल होता है, इसलिए वह दर्द और भावनाओं से भर जाता है। -
“इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब'।”
Meaning: प्रेम एक ऐसी भावना है जिस पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता। -
“हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले।”
Meaning: मानव की इच्छाएँ अनंत होती हैं, और हर इच्छा इतनी गहरी होती है कि वह जीवन पर भारी पड़ सकती है। -
“ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता।”
Meaning: हर इच्छा पूरी नहीं होती, कुछ चीजें भाग्य पर निर्भर होती हैं। -
“आह को चाहिए एक उम्र असर होने तक।”
Meaning: भावनाओं और प्रयासों का प्रभाव समय के साथ दिखाई देता है। -
“दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त, दर्द से भर न आए क्यों; रोएँगे हम हज़ार बार, कोई हमें सताए क्यों।”
Meaning: दिल को दुख होता है और वह संवेदनशील होता है, इसलिए दर्द स्वाभाविक है। -
“बस कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना।”
Meaning: हर काम को आसान बनाना कठिन होता है; जीवन में संघर्ष स्वाभाविक है। -
“इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया, वरना हम भी आदमी थे काम के।”
Meaning: प्रेम मनुष्य को इतना प्रभावित कर सकता है कि वह अपनी सामान्य क्षमता खो बैठता है। -
“हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन दिल के खुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख्याल अच्छा है।”
Meaning: कभी-कभी इंसान खुद को खुश रखने के लिए कल्पनाओं पर विश्वास करता है। -
“न था कुछ तो ख़ुदा था, कुछ न होता तो ख़ुदा होता।”
Meaning: सृष्टि के पहले और बाद में भी ईश्वर का अस्तित्व स्थायी है। -
“रंज से खूगर हुआ इंसान तो मिट जाता है रंज।”
Meaning: दुखों का सामना करते-करते इंसान मजबूत हो जाता है और दुख कम प्रभाव डालते हैं। -
“हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले।”
Meaning: मानव की इच्छाएँ अनंत होती हैं, और कभी पूरी नहीं होतीं।